चेन्नई में एक मई 1923 के दिन लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत हुई

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार मई 01 किसी वर्ष में दिन संख्या 121 है और यदि लीप वर्ष है तो दिन संख्या 122 है। भारत और विश्व इतिहास में 01 मई का अपना ही एक खास महत्व है, क्योकि इस दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं। आईये जानते हैं 01 मई की ऐसी ही कुछ महत्त्वपूर्ण घटनाएँ जिन्हे जानकर आपका सामान्य ज्ञान बढ़ेगा। एकत्रित तथ्य ऐसे होंगे जैसे : आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश के आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस इत्यादि।हर साल एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। एक मई का दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित होता है। इस दिन को लेबर डे, श्रमिक दिवस और मई दिवस जैसे नामों से भी लोग जानते हैं। इस दिन लोगों की छुट्टी भी रहती है। लेकिन आप इस दिन के बारे में कितना जानते हैं? शायद बेहद कम, तो चलिए आपको इस दिन के इतिहास से लेकर हर एक जरूरी बात बताते हैं। तो चलिए जानते हैं इस दिन के बारे में कई खास बातें।

हर वर्ष मई महीने की पहली तारीख को मनाए जाने वाले इस दिवस को \’मजदूर दिवस\’, \’श्रम दिवस\’, \’May Day\’, \’Labour Day\’ जैसे नामों से नामों से जाना जाता है.मजदूर दिवस विश्व का एक प्रचलित उत्सव दिवस बताया जाता है. यह दिवस उन श्रमिक वर्ग को समर्पित है जो अपना खून-पसीना बहा कर अथक परिश्रम कर के विश्व के विभिन्न हिस्सों में दिन रात काम करके उस देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देते हैं.जिस तरह से मजदूर किसी मकान की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता ठीक उसी प्रकार से किसी भी समाज, देश, उद्योग, संस्था, व्यवसाय को खड़ा करने में एक कर्मचारी की भी विशेष भूमिका होती है.अंतराष्‍ट्रीय तौर पर मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई 1886 को हुई थी. माना जाता है कि भारत में मई दिवस पहली बार चेन्नई में सन 1923 में मनाया गया था.

विश्व में पहली बार कब और कहां मनाया गया मजदूर दिवस

विश्व में सबसे पहले 1 मई 1886 को अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत हुई थी। 1 मई 1886 को अमेरिका की मजदूर यूनियनों ने काम के 8 घंटे से अधिक ना रखने को लेकर देशव्यापी हड़ताल की थी। हजारों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए थे। ये मजदूर 10 से 15 घंटे काम कराए जाने को लेकर विरोध कर रहे थे। इनकी मांग थी कि काम के घंटे को 8 घंटे ही फिक्स कर देना चाहिए। स हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमार्केट में एकग बड़ा बम धमाका हुआ था। हालांकि ये धमाका किसने किया इसका तो पता नहीं चल पाया लेकिन इसके बाद पुलिस ने मजदूरों पर फायरिंग शुरू कर दी थी। जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गई थी।

इसके बाद 1889 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक में यह घोषणा किया गया था कि1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाएगा और इस दिन सभी मजदूरों को काम से अवकाश भी दिया जाएगा। अमेरिका सहित कई देशों ने भी ये घोषणा की कि 8 घंटे काम करने का समय निश्चित कर दिया गया है। इसके बाद से हर साल 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। मौजूदा समय भारत समेच अन्य कई देशों में मजदूरों के 8 घंटे काम करने से संबंधित कानून लागू है।

ऐसा है इतिहास

  • बात अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के इतिहास की करें, तो इस आंदोलन की शुरुआत अमेरिका में एक मई 1886 को हुई थी। दरअसल, यहां पहले एक दिन में 15 घटे तक मजदूरों से काम लिया जाता था, जिसके खिलाफ एक मई 1886 को आवाज बुलंद हुई और अमेरिका की सड़कों पर लोग निकले ।
  • इसी दौरान पुलिस ने कुछ मजदूरों पर गोली चलवा दी, जिसमें से 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए और वहीं, कई मजदूरों की जान चली गई। इसके बाद साल 1889 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक हुई और इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस एक मई को मनाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही लोगों से आठ घंटे से ज्यादा काम न करवाने पर और इस दिन अवकाश रखने पर फैसला हुआ।

भारत में ऐसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

  • बात अगर भारत की करें, तो चेन्नई में एक मई 1923 के दिन लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई। इस बात को कई सोशल पार्टियों और संगठनों का समर्थन मिला और इसका नेतृत्व वामपंथी कर रहे थे।

ये है इस दिन का उद्देश्य

  • अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने के पीछे कुछ उद्देश्य हैं, इसलिए ही इस दिन को मनाया जाता है। मजूदरों की उपलब्धियों का सम्मान करना, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना व बुलंद करना, मजदूर संगठन को मजबूत करना और उनके योगदान की चर्चा करना आदि कई उद्देश्य हैं।
Search Khabar [ सच का सर्च सच के साथ,सर्च खबर आपके पास ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query