भंग हेतु जंग

एक दिवस मस्तिष्क में उपजा शुद्ध विचार,
श्रद्धानत होकर चला भोले के दरबार.
भोले शंकर के चरणों पर माथा टेका,
मन के मलिन विचारों को निकालकर फेंका.

घंटे भर मैंने भोले का ध्यान लगाया,
पहले मन था विकल, मगर अब निर्मल पाया.
तभी पुजारी बोले, सुनो-सुनो हे कविवर,
भोले बाबा का प्रसाद भी पा लो जी भर.

भक्तमंडली की बातों को टाल न पाया,
शंकर की बूटी को चार गिलास चढ़ाया.
इसके बाद चढ़ी चीलम, शंकर का महाप्रसाद,
दस-बारह दम में ही यारों मिटा सकल अवसाद.

दम पर दम चलता था होता था बम शंकर,
तभी घुस गया मंदिर के अंदर प्रलयंकर.
पांच सिपाही के संग आया जालिम थानेदार,
कहा हैन्डस अप, और कड़ककर बोला खबरदार.

गांजा और भंग को पीना है इल्लीगल ऐक्ट,
इसी जुर्म में तुम सबको करता हूँ आज अरेस्ट.
और नहीं तो तुम हजार की नोट निकालो,
कोर्ट- कचहरी की झंझट से स्वंय बंचा लो.

उसकी बातों को सुन मेरा गर्म हो गया पारा,
शंकर की बूटी से भी कुछ-कुछ मिल गया सहारा.
कहा कड़ककर ओ दो पैसे वाले थानेदार,
मूरख भूल गया है क्या ऑपरेशन ब्लू स्टार?

पहले बोल यहां मंदिर में कैसे आया,
पुलिस घुसा क्यों मंदिर को अपवित्र बनाया.
पवित्रता के लिए मिट गया भिंडरवाला,
और बाद में धधक उठी थी भीषण ज्वाला.

मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारे में क्या तुम घुसते?
क्या अपवित्र बनाने की तुम हिम्मत करते?
गांजा और भंग में तुम करते हो हस्तक्षेप,
फिर कैसे हो सकता है यह देश धर्मनिरपेक्ष.

गांजा और भंग पीना है हर हिन्दू का धर्म,
कैसे तू कहता है कि यह है महान दुष्कर्म.
शंकर की बूटी हित मैं हो जाऊंगा कुर्बान,
और रक्त से पट जायेगा सारा हिन्दुस्तान.

सुनकर मेरी बात इंस्पेक्टर मुस्काया,
और पीठ पर कस -कसकर दो बेंत लगाया.
बोला कविवर निशि-दिन करते हो कविताई,
फिर भी मूर्ख तुम्हें अब तक कुछ अक्ल न आई.

तुम हिन्दू बहुसंख्यक हो तुमसे क्या डरना,
तुम स्वधर्म के लिये अहो क्या जानो मरना.
कहो शाहबानों का तुमने सुना नहीं क्या कांड?
अल्पसंख्यकों ने झकझोर दिया सारा ब्रह्मांड.

उसकी बातों को यथार्थ के काबिल पाया,
और बुद्धि के घोड़े को सरपट दौड़ाया.
सोचा मैं भी एक अलग से धर्म बनाऊं
और स्वयं मैं इसका पैगंबर बन जाऊं.

मद- मदिरा, गांजा होंगे मेरे मजहब के अंग,
अल्पसंख्यक बनकर हम कर पायेंगे हुड़दंग.

राजाराम यादव

साहित्य सेवा मंच के अध्यक्ष तथा

भूतपूर्व प्रशासनिक एवं हिंदी अधिकारी, एचसीएल

Search Khabar [ सच का सर्च सच के साथ,सर्च खबर आपके पास ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query