लखीसराय जिले में एक और इतिहास के पन्ने में जुटेगा नया म्युजियम

बालगुदर गांव में कई इतिहासिक बौद्ध की मुर्तिया होगी स्थापित
लखीसराय : लखीसराय जिले में कुल जनगणना के 2011 के अनुपात में कूल 1.235.526 है जिसमें आधे से अधिक आबादी कुल चार दिशाएं से 50 किलोमीटर में सम्मलित है। लखीसराय में सिदुंर एक ऐसा प्रोजक्ट हे जो कि बंगाल से लेकर काश्मीर तक लखीसराय से जाता है। यह शहर बौद्ध की नगरी मानी गई है जहां पे भगवान शिव की अनेक मंदिर स्थापित है उदाहरण के तौर पर अशोक धाम स्थित इदंदमनेश्वर मंदिर के नाम से जाना है इसी धरती के बड़हिया में मॉ त्रिपुरारी सुन्दरी मंदिर है। पहाड़ियो से घिरा श्रृर्गि श्रर्षि मंदिर है यहंा पर मॉ जलप्पा स्थान है । लाल पहाड़ी और काली पहाड़ी पर बौद्धधर्म के कई प्राचीन मुर्तिया का अवशेष भी मिला है। नगर थानो में कई प्राचीन मुर्तिया भी रखी गई है जो कि बहुत ही वेशकीमती मुर्तिया हैं कई यहां के मुर्तिया का अवशेष पटना के म्यूजियम में भी रखा गया है। इसी अवशेष के कारण बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमलो के द्धारा जिले के जिला समाहरणालय से दस किलोमीटर दुर म्यूजियम का बनाने का लक्ष्य को रखते हुए शुभांरम ऑन लाइन के माध्यम से करीबन बीस करोड़ की लागत से बनाया गया है। जो कि वर्तमान समय में कुछ ही दिनों के बाद बनकर तैयार हो जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार इस म्यूजियम को बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन की उपलब्धता हुई थी जिसकी बुनियाद 8 अगस्त 2020 की शानिवार को शुरूआत की गई थी। और इसके मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी थे। इस व्यवस्थित ढ़ांचे की शुरूआत बिहार राज्य भवन निमा्रण निगम लिमिटेंड पटना के द्धारा किया गया है। उस वक्त वर्तमान जिला अधिकारी संजय कुमार सिंह ही थे।
म्युजियम के अंदर क्या क्या है।………

  1. फुल्ली एसी रूम हॉल
  2. गेट के पास गार्ड और टिकट काउंटर
  3. 2 पांच पाच सौ वार्ड का जेनलेटर
    4.ओटी टोर
  4. गोतम बुद्ध की अवशेष मुर्तिया स्थापित होगी
  5. सेन्टर स्टेडियम में बड़ा गोतमबुद्ध की मुर्तिया दिखेगी।
    7.एक्जीविशन ग्लेरी मुर्ति रखने के लिए हॉल
  6. पार्क ऑटोरियम,
    9.वास प्लेयटर बील
  7. लाईट से सजावट चार दिशाएं की दिवाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार
लखीसराय की धरती में मुगलसामाज्य , राजा पालवंश , बौद्ध मंठ तथा राजाओ की रानियों का अवेशष लखीसराय में छुपी है। लखीसराय के पहाड़ वादियों में राजा दशरथ अपने चार पुत्रों का मुंडन श्रृर्गि श्रर्षि धाम में ही बड़े ही धुम धाम से पूजा किया था आज भी कई पिता अपने पुत्र की प्राप्ति और परिवार के सुख शन्ति को लेकर मनते मांगते है ।
इस संबध में लखीसराय के जिला अधिकारी संजय कुमार सिंह ने भी बताया कि लखीसराय में कई अवशेष धरोहर से लेकर मंदिर मठ की स्थापिता के प्रतीक धरोहर से कई चीजों में लखीसराय का एक स्थान है यहां पर बौद्धमठ के भी कई अवशेषयां मिली है चाहे वह लाल पहाड़ी की खुदाई मे मिली मुर्तियों, कई अवशेष प्राचीन पथ्थर से निर्मित मुर्तिया मिली है अब लखीसराय के बालगुदर गांव में बिहार का दुसरा म्यूजियम बन कर कुछ ही दिनों में तेयार हो जाएगा जिसमें लोगों को रोजगार और पर्यटक स्थल के नाम से जाना जाएगा। इसे ठीक सुचारू रखने के लिए मुनेटिंग बहुत ही जरूरी होगा।
इंजिनियर पवन कुमार क्या कहते है।
इन्होंने बतायाकि म्यूजियम में पहले ग्रेट के पास एक ऑफिस होगा जिसमें टिकट निर्धारित दर का मिलेगा दुसरे में गार्ड होगे। अंदर जाने में एएसपी फुली से निमिर्त कई मुर्तिया चलचित्र गोतम बुद्ध का देखने को मिलेगा । इस म्यूजियम में कई किसी दरबाजे से घुसने के बाद भुल भुलिया जगह है जो किसी भी ग्रेट से बाहर लोग हो ज ायेगा। बच्चो ंके लिए थिएटर रूम, र्पािर्कग व्यवस्था , बैठने के लिए अलग स्थान , जेनलेटर से भरा तीन कमरा और अन्य पर्यटक के लिए सुविधा उत्पन्न व्यवस्था की गई है।
स्थानीय राजेश कुमार ने बताया कि इस म्यूजियम के निर्माण के बाद कई बच्चों को खेल मैदान के साथ साथ धुमने के लिए बौद्ध धर्म से बने कई मुर्तिया को देखेगें बच्चे पार्किग का आंनद उठाएंगें।

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