पहली नजर में उन्नाव पुलिस द्वारा की गई जांच अनुचित लगती है : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: यूपी के उन्नाव में 2021 में सब्जीवाले की हिरासत में हुई मौत (Vegetable Seller Death Case) के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पहली नजर में उन्नाव पुलिस द्वारा की गई जांच अनुचित लगती है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी ने जो मामले की छानबीन की है वह निष्पक्ष नहीं कही जा सकती है।

‘रेकॉर्ड पहली नजर में निष्पक्ष नहीं कहे जा सकते’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मामले की छानबीन से संबंधित जो भी रेकॉर्ड कोर्ट के सामने रखे गए हैं उसे पहली नजर में देखकर निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के बजाय यूपी के लखनऊ के आईजी (खूफिया) से कहा कहा है कि वह मामले में मृतक की मां की शिकायत को देखें और आगे की जांच करें। कोर्ट ने आईजी से कहा है कि वह अदालत के सामने 8 हफ्ते बाद अपनी रिपोर्ट पेश करें। शीर्ष अदालत ने उन्नाव पुलिस से कहा है कि वह मामले की छानबीन से संबंधित दस्तावेज लखनऊ पुलिस को सौंपें।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि पिछले साल 18 साल के सब्जी बेचने वाले फैसल हुसैन को पुलिस ने बांगरमऊ थाने में कथित तौर पर पीटा था और उसके बाद उसकी मौत हो गई थी। मृतक की मां का कहना था कि फैसल को बुरी तरह से पीटा गया था और उसकी मौत हो गई थी। मामले में केस दर्ज किया गया लेकिन शिकायती ने कहा कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है। इस मामले में एक कॉन्स्टेबल और होमगार्ड के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मृतक की मां ने मामले में याचिका दायर कर इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) से गुहार लगाई थी कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए लेकिन हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली फिर मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था।

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