बड़ा -सा लक्ष्य लेकर जब ,किसी की सांस चलती है…. : भारती मयूरेश

चित्तरंजन : आज चित्तरंजन साहित्य सेवा मंच की वार्षिक बैठक सह विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का कार्यक्रम राजा राम यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विचारगोष्ठी का विषय था: कोरोना काल में हमने क्या खोया क्या पाया। इस गोष्ठी में विद्वान सदस्यों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। विचार गोष्ठी के बाद कवि गोष्ठी का कार्यक्रम था। हास्य कविता के साथ देशभक्ति से संबंधित काव्य का पाठ किया गया।“बड़ा -सा लक्ष्य लेकर जब ,किसी की सांस चलती है…. जहां विश्वास होता है, वहां हर आश फलती है।” : भारती मयूरेश

कवि रामस्वरूप मयूरेश ने”आओ हम सब भारत मां का कुछ ऐसे श्रृंगार करें” शीर्षक अपना देश भक्ति गीत सुनाया।

कृष्ण मोहन साह, प्राचार्य मिहिजाम कॉलेज ने अपनी कविता’प्रिय रामचरितमानस पढ़ना’ का पाठ किया। मंच की एकमात्र कवयित्री भारती मयूरेश ने अपने चार मुक्तक तरन्नुम में सुनाए। एक मुक्तक है-
“बड़ा -सा लक्ष्य लेकर जब ,किसी की सांस चलती है…. जहां विश्वास होता है, वहां हर आश फलती है।” डीएवी स्कूल के शिक्षक उमेश चंद्र कुशवाहा ने मार्मिक कविता सुनाई। मंच के अध्यक्ष राजाराम यादव ने हास्य- व्यंग्य से परिपूर्ण कविता सुनाई। ब्रिलिएंट अकैडमी मिहिजाम के प्रिंसिपल कृष्ण कुमार द्विवेदी ने ‘किसी को चाह में रखना’ शीर्षक कविता का पाठ किया।


इसमें भाग लेने वाले सदस्यों के नाम निम्नलिखित हैं: राजाराम यादव, भगवान दास, देवेंद्र कुमार, रामस्वरूप मयूरेश, कृष्ण कुमार द्विवेदी, प्राचार्य कृष्ण मोहन साह, उमेश चंद्र कुशवाहा, सुभाष चौधरी(भूतपूर्व अध्यक्ष), सतीश वर्मा, भारती मयूरेश।
इस कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव श्री भगवान दासने किया। धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी के पूर्व राज भाषा अधिकारी सह अध्यक्ष राजा राम यादव ने किया।

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