बिहार का लाल ने आसनसोल में रचा इतिहास।TMC को दी एक और सर का ताज , चारों खाने चित हुए प्रतिद्वंदी

शत्रुघ्न सिन्हा ने रचा इतिहास, आसनसोल सीट पर पहली बार टीएमसी की बड़ी जीत, भाजपा की करारी हार

बंगाल में शत्रुघ्न सिन्हा और बाबुल सुप्रियो जीते, बोचहां में राजद ने लहराया जीत का परचम

बिहार का लाल ने आसनसोल में रचा इतिहास। बिहारी बाबू ने जीत दर्ज कर ममता दीदी को दी एक और सर का ताज , चारों खाने चित हुए प्रतिद्वंदी। भाजपा को बताई अपनी औकात। बंगाल का बादशाह अपने आप को समझने वाली ममता दीदी आसनसोल सीट के लिए तरस गई थी वही उपचुनाव का लाभ टीएमसी को मिला कि बिहार के लाल शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी जीत दर्ज कर ममता दीदी एवं टीएमसी का सपना पूरा करते हुए इतिहास रच दिया। वही वही शत्रुघ्न सिन्हा इस चुनाव में अपनी जीत पक्की कर राजनीतिक कैरियर में अपना पैठ पुणे मजबूत कर लिया। शत्रुघ्न सिन्हा जैसे जैसे जीत की ओर वट रहा था वही बंगाल में यह नारे गुंजने लगे यह तो झांकी हैं 2024 का परिणाम बाकी हैं।

पश्चिम बंगाल में लोकसभा और विधानसभा के उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस ने जीत ली है. लोकसभा उपचुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा ने 2.90 लाख से अधिक मतों के अंतर से भाजपा की अग्निमित्रा पाल को पराजित कर दिया, जबकि बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में बाबुल सुप्रियो ने 20 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है. ममता बनर्जी ने जीत को बांग्ला नववर्ष का तोहफा बताया है. उन्होंने वोटरों को धन्यवाद दिया है. बिहार के बोचहां में राजद के अमर पासवान जीत गये हैं.

बीजेपी से बाहर होने के बाद गुमनामी में जी रहे अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को सियासत की संजीवनी मिल गई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट पर इतिहास रच दिया है। वे वोटों के एक बड़े अंतर से चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि इस जीत की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।  खबर लिखे जाने तक उन्हें 646661 वोट मिल चुके थे। वहीं इस सीट पर दूसरे नंबर पर बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल हैं, उन्हें 350015 वोट मिले। करीब तीन लाख वोटों के अंतर से शुत्रघ्न सिन्हा की जीत पक्की नजर आ रही है। ये आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट से लिए गए हैं। 

राजेश खन्ना के खिलाफ लड़ा था पहला चुनाव

शत्रुघ्न सिन्हा ने राजनीति की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी से की थी। वे1991 में बीजेपी से जुड़े थे। उन्होंने अपना पहला चुनाव राजेश खन्ना के खिलाफ लड़ा था। हालांकि पहले ही चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां दी गई।  वे दो बार बिहार से राज्यसभा के सदस्य रहे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया

वर्ष 2009 में पहली बार पटना साहिब लोकसभा सीट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे। इसके बाद वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव भी उन्होंने जीता। लेकिन उसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उनके रिश्तों में दूरियां आती गई और वर्ष 2019 में उन्होंने अंतत: बीजेपी का दामन छोड़ा और कांग्रेस से हाथ मिला लिया। लेकिन हाशिए पर पहुंची कांग्रेस पार्टी में भी शुत्रघ्न अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाएं पूरी नहीं कर पा रहे थे लिहाजा बिहारी बाबू ने ममता दीदी का दामन थामा। 

बाबुल सुप्रियो के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी आसनसोल सीट

आपको बता दें कि यह सीट बाबुल सुप्रियो के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में इस सीट से बीजेपी टिकट पर बाबुल सुप्रियो ने जीत हासिल की थी। लेकिन बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी छोड़कर टीएमसी का दामन थाम लिया था और लोकसभा की सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में ममता ने शुत्रघ्न सिन्हा को टिकट दिया था।

पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने दो लाख से अधिक मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. यह पहली बार है जब टीएमसी ने आसनसोल संसदीय सीट जीती है. इससे पहले 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में, बाबुल सुप्रियो ने भाजपा के टिकट पर इस सीट से जीत हासिल की थी. इससे पहले इस सीट पर माकपा का कब्जा था. भाजपा की अग्निमित्र पॉल को बड़ी हार मिली है.

बोले बिहारी बाबू-ये जनता का अध्यादेश है

खास बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि- इस सीट पर जीत का सेहरा ममता जी के सर पे जाता है और जीत का श्रेय यहां की जनता को जाता है , यहां के तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं को जाता है. इसके साथ ही कुछ हद तक पार्टी के एक कार्यकर्ता के तौर पर मैंने भी चैलेंज को स्वीकार किया और इस सीट पर चुनाव लड़ा है. ममता बनर्जी के निर्देश को और आसनसोल की जनता के आदेश को अध्यादेश मानते हुए मैं यहां आया. यहां की जनता से मिले सम्मान, यहां के लोगों के प्यार के आगे मैं नतमस्तक हूं. 

सर्टिफिकेट मिल जाने दीजिए, फिर बहस करूंगा

अपनी जीत से उत्साहित शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अभी सर्टिफिकेट नहीं मिला है, मिल जाने दीजिए उसके बाद सबसे इस जीत पर बहस करूंगा. उन्होंने कहा कि ये एक ऐतिहासिक जीत है. क्योंकि पहली बार तृणमूल कांग्रेस की इस सीट पर जीत हुई है और इस जीत को ममता जी डिजर्व करती हैं. कारण तो पता नहीं, लेकिन इस सीट पर हमारी पार्टी को पहले ही जीत दर्ज करनी चाहिए थी. ये सीट ममता जी की झोली में पहले ही आ जानी चाहिए थी. लेकिन पहली बार ही सही, आज पहली बार एक रास्ता खुला है. आज दिखता है कि हम सही रास्ते पर आये हैं  और सही वक़्त पर आएं हैं,  ममता जी के नेतृत्व में इस जीत को हासिल किया है. अब हम सही रास्ते पर चलते हुए सही मंज़िल तक आगे बढ़ेंगे.

ममता बनर्जी को दिया श्रेय

जीत के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जीत का सहरा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के सिर पर जाता है. जीत का श्रेय यहां की जनता को जाता है. यहां के तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को जाता है. हमारे कार्यकर्ताओं को जाता है. कुछ हद तक एक कार्यकर्ता के तौर पर मैं भी चैलेंज को स्वीकार करते हुए आगे आया.

लोगों का मिला प्यार

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के निर्देश और आसनसोल की जनता के आदेश को अध्यादेश मानते हुए यहां पर आया और अब इन लोगों के प्यार के आगे नतमस्तक हूं. मैं खुद से ज्यादा ममता बनर्जी के लिए के खुश हूं. अभी सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उसके बाद सबसे जीत पर बहस करेंगे.

ऐतिहासिक है जीत

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत ही रही है. ममता बनर्जी के डिजर्व करने के बाजवूद पता नहीं, किन कारणों से आज तक कि यह सीट पार्टी जीत नहीं पाई. अब लगता है कि हम सही रास्ते पर आए हैं, सही वक्त पर आएं हैं. अब हम सही रास्ते पर चलते हुए आगे बढ़ेंगे.

पहली बार पार्टी ने जीता चुनाव

बता दें कि 2014 और 2019 के लोक सभा चुनावों में, बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी. इससे पहले, यह सीट CPI (M) के पास थी.

टीएमसी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो जीते

बालीगंज से करीब बीस हजार वोट से टीएमसी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो जीत गये हैं.

राजद ने जीती बोचहां विधानसभा सीट

चुनाव अधिकारी ने जानकारी दी है कि राजद ने बिहार में बोचहां विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल कर ली है. राजद उम्मीदवार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा उम्मीदवार को 35,000 से अधिक मतों से हराया है.

ममता बनर्जी ने कहा धन्यवाद

आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा और बालीगंज से बाबुल सुप्रियो आगे चल रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने आसनसोल संसदीय क्षेत्र और बालीगंज विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को “तृणमूल पार्टी के उम्मीदवारों को निर्णायक जनादेश देने के लिए” ट्वीट कर धन्यवाद कहा है.

आसनसोल के लोग थोड़े रूठे हुए थे

बालीगंज उपचुनाव सीट के लिए TMC के उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो ने कहा कि ये रूझान TMC कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है. दीदी ने जैसे पूरी टीम को गाइड किया है इसका आभार है. आसनसोल के लोग थोड़े रूठे हुए थे और उनका रूठना जायज़ है. मुझे यकीन था कि शुत्रुघ्न जी आसनसोल में ज़रूर जीतेंगे.

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