कोरोना का सामना करने के लिए पुख्ता तैयारी पर फोकस

सूरत : कोरोना के मामले भले ही कम हो गए हैं, लेकिन तीसरी लहर की आंशंका को देखते हुए सरकार रिस्क नहीं लेना चाहती। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। तीसरी लहर हालात बिगड़े न इसलिए सरकार दूसरी लहर में खपत हुई दवाइयों से दोगुना स्टाॅफ रखना चाहती है। कोरोना की पहली लहर में सरकार तैयारी ही नहीं कर पाई थी, जबकि दूसरी लहर में उन्हें आभास ही नहीं था कि वह इतनी घातक होगी। इसलिए ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाई, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, अन्य हेल्थ कर्मी, अस्पताल जैसी तमाम सुविधाएं आनन-फानन में करनी पड़ी। इस बीच ऑक्सीजन की कमी, रेमडेसिवीर के लिए जद्दोजहद हुई थी।

अस्पतालों में जगह नहीं मिलने के साथ साथ बेसिक दवाई भी उपलब्ध नहीं हो पाई। चुनाव नजदीक है इसलिए सरकार सावधानी बरतते हुए तीसरी लहर के आने का इंतजार नहीं कर रही है। सभी बड़े अस्पतालों में दूसरी लहर में इस्तेमाल संसाधन का दोगुना संसाधन उपलब्ध रखने की तैयारी शुरू कर दी है।

साउथ गुजरात के सबसे बड़े अस्पताल सिविल में दूसरी लहर में इस्तेमाल हुई दवाइयों का दोगुना स्टॉक उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने दूसरी लहर में खपत हुई दवाई की लिस्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। जल्द ही दोगुना मात्रा में दवाई अस्पताल आ जाएगी।

टॉसिलीजुमैब और रेमडेसिवीर के भी स्टाॅक रखेंगे
कोरोना के इलाज में डॉक्टर अपने अनुसार टॉसिलीजुमैब और रेमडेसिवीर का उपयोग करते हैं। सभी मरीज को इनकी जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन समस्या न हो इसलिए स्टॉक रखा जा रहा है। इसी तरह से पैरासिटामोल, टेमीफ्लू, एजिथ्रो, कफ सिरप, फैबिफ्लू और अन्य एंटीबायोटिक, एंटीवैक्टीरियल, मल्टीविटामिन, जिंक आदि की लाखों गोलियां आएंगी।
अस्पताल प्रबधन का कहना है कि सरकारी आदेश के बाद हमने लिस्ट भेज दी है। जल्द ही स्टॉक आ जाएगा। हालांकि तीसरी लहर कब आएगी इस बारे में कोई नहीं जानता। एक और ऑक्सीजन प्लांट लगाएंगे। इस समय सिविल अस्पताल कैंपस में तीन इमारत तैयार हैं। किडनी अस्पताल, स्टेम सेल बिल्डिंग (कोविड अस्पताल) के साथ अब मेडिकल कॉलेज की नई इमारत भी तैयार हो गई है।

10550 रेमडेसिवीर इंजेक्शन छह माह में हो जाएंगे एक्सपायर
सिविल अस्पताल में करीब 10550 रेमडेसिवीर इंजेक्शन पड़े हैं। जो आगामी छह माह में एक्सपायर हो जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगर दिवाली तक तीसरी लहर आ जाती है तो इसका इस्तेमाल हो जाएगा। इसमें से कुछ डोज 2022 में एक्सपायर होंगे। बता दें कि 61850 डोज सिविल अस्पताल में आए थे, जिसमें से 51300 डोज इस्तेमाल हो गए। अब 10550 स्टॉक में हैं। वहीं 86957 डोज निजी अस्पताल के लिए आए थे, जिसमें 81914 डोज की खपत हुई थी। अभी 5043 डोज स्टॉक में हैं।

Search Khabar [ सच का सर्च सच के साथ,सर्च खबर आपके पास ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query