राम मंदिर परिसर में दिखेगी त्रेतायुग की झलक

अयोध्या : रामभक्तों के पांच सौ वर्षों का सपना अब साकार होने जा रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट, जन्मभूमि परिसर में स्थित गर्भगृह से लेकर बाकी स्थानों को इसी तर्ज पर बनाने की योजना पर मंथन कर रहा है। जिससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को त्रेता युग की झलक दिखाई जा सके, इसके साथ ही उन्हें अपने आराध्य भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को अहसास करने का सौभाग्य प्राप्त हो सके।

रामकथा कुंज में श्रीराम के जीवन पर आधारित स्थापित होगी मूर्तियां
राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु अपने आराध्य का आशीर्वाद ही न लें बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में सहजता से उतार सके। इसी को लेकर रामकथा कुंज में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दर्शाती 125 मूर्तियों को स्थापित करने की योजना बनाई गई है। ये मूर्तियां कलयुग में भी त्रेतायुग के राम और उनके आदर्शों को जीवंत कर देंगी, यही नहीं राम मंदिर तक भक्त आसानी से पहुंच सकें इसके लिये हाइवे से मंदिर परिसर तक चार कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे, जिसको रामायणकालीन दृश्यों से सुसज्जित की योजना है। सूत्रों की मानें तो राम जन्मभूमि परिसर की चारों दिशाओं में चार प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना है, जिनको गोपुरम के नाम से जाना जाएगा। रामजन्मभूमि परिसर में रामकथा कुंज के अतिरिक्त म्यूजियम, शोध संस्थान व गुरुकुल की स्थापना होगी।

मंदिर आंदोलन से रामभक्तों को कराया जाएगा रूबरू
परिसर में बने म्यूजियम में राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक हुए संघर्ष का इतिहास भी प्रदर्शित करने की योजना है, ताकि रामनगरी पहुंचने वाले भक्तों को आंदोलन को लेकर हुये पांच सदियों के लंबे संघर्ष से भी रूबरू कराया जा सके। इसके अलावा परिसर के अंदर एक गुरुकुल की भी स्थापना की जाएगी, जिसमें बड़े पैमाने पर वेदपाठी बालक रामसंस्कृति और रामायण की शिक्षा ले सकेंगे। वहीं श्रीराम पर शोध करने के लिए शोध संस्थान की स्थापना सहित प्रसाद स्थल, धर्मशाला, भजन संध्या, कथा मंडल आदि बनाने की भी योजना है।

हरियाली को ध्यान रखते हुए परिसर होगी नक्षत्र वाटिका
परिसर में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हरियाली का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि मंदिर की भव्यता और दिव्यता को और निखारा जा सके। जानकारों की मानें तो परिसर के अंदर नक्षत्र वाटिका भी बनाने की योजना पर विचार किया गया है, जिसमें 27 तरह के अलग-अलग पेड़ लगाए जाएंगे। जिसका शुभारंभ पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी के हाथों एक-एक पेड़ लगाकर हो चुका है। नक्षत्र वाटिका के अलावा राम मंदिर की भव्यता को बढ़ाने के लिए नवग्रह, पंचवटी, हरिशंकरी वाटिका भी बनाई जाएगी। जानकारों की मानें तो ग्रह-अनुकूल बनाने के लिये इन वाटिका पर काम भी शुरू हो चुका है।

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