दिल्ली पर लगी कोरोना की ये 10 बंधन कब तक खुलेंगी

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना पाबंदियों में ढील दिए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। मुख्य राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से सख्तियां कम करने की गुहार लगाई है। इस बीच प्रदेश की शीर्ष कोविड-19 मैनेजमेंट संस्था दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की गुरुवार को मीटिंग होने जा रही है जिसमें कुछ बड़े फैसले होने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हैं कि स्कूल खुलने (Delhi School Reopening) से लेकर दिल्ली को कोरोना के दूसरे बंधनों से भी मुक्ति कब तक मिल पाएगी।


दिल्ली में अभी क्या-क्या पाबंदी है, कब-कितनी छूट मिलने की उम्मीद की जा सकती है…

पाबंदी राहत की कितनी उम्मीद
1. नाइट कर्फ्यू – हर रात 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक गुरुवार को DDMA के फैसले पर नजर रहेगी
2. वीकेंड कर्फ्यू – शुक्रवार रात 10 बजे से लेकर अगले सोमवार सुबह 5 बजे तक केजरीवाल सरकार ने 21 जनवरी को इसे वापस लेने की प्रस्ताव दिया था जो उपराज्यपाल के ऑफिस से खारिज हो गया, अब गुरुवार की बैठक से उम्मीद
3. गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानें ऑड-ईवन बेसिस पर ही खुल रहे हैं 21 जनवरी का यह प्रस्ताव भी एलजी दफ्तर से खारिज, लेकिन आप-बीजेपी के साथ-साथ व्यापारिक संगठन इससे छूट देने की मांग कर रहे हैं, गुरुवार को मिल सकती है खुशखबरी
4. रेस्‍टोरेंट और बार बंद हैं, रेस्‍टारेंट्स से होम डिलिवरी और टेकअवे की इजाजत है व्यापारियों के बढ़ते दबाव के कारण इसमें जल्द राहत मिलने की उम्मीद
5. स्‍कूल, कॉलेज और सभी तरह के शैक्षणिक संस्‍थान बंद हैं सरकार इस महीने के अंत तक छात्रों के टीकाकरण की स्थिति के आधार पर फरवरी से स्कूलों को फिर से खोलने पर भी विचार कर सकती है। मुंबई में 24 जनवरी से ही स्कूल खुल गए। प्राइवेट स्‍कूलों की एक एसोसिएशन, ‘ऐक्‍शन कमिटी’ ने दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर कहा है कि 60% से ज्‍यादा योग्‍य स्‍टूडेंट्स को टीका लग चुका है।
6. स्‍पोर्ट्स कॉम्‍प्‍लेक्‍सेज और स्विमिंग पूल्‍स की भी इजाजत नहीं गुरुवार को डीडीएमए के फैसले पर नजर रहेगी
7. सिनेमा हॉल, जिम, एंटरटेनमेंट पार्क्‍स इत्‍यादि बंद हैं डीडीएमए गुरुवार को क्या फैसला लेगा, यह देखना होगा
8. किसी तरह के सामाजिक, मनोरंजक, धार्मिक, राजनीतिक, त्‍योहार से जुड़े आयोजनों पर रोक है अभी इन मामलों में पाबंदियां हटने की गुंजाइश नहीं दिखतीं
9. धार्मिक स्‍थल खुले हैं, लेकिन वहां श्रद्धालुओं की एंट्री नहीं है श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों में प्रवेश की मंजूरी अभी शायद ही मिले
10. शादी और अंतिम संस्‍कार में अभी अधिकतम 20 लोगों की ही अनुमति है गुरुवार को डीडीएमए की मीटिंग का इंतजार रहेगा

ये बातें भी महत्वपूर्ण

⮞ कलर कोड आधार पर दिल्ली में कोविड अलर्ट के चार लेवल तय किए गए हैं- यलो, एम्बर, ऑरेंज और रेड। दिल्ली पिछले वर्ष 28 दिसंबर से लेवल 1 यानी येलो अलर्ट की पाबंदियों के अधीन है। उस दिन दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लागू हुआ था और 1 जनवरी को वीकेंड कर्फ्यू का भी ऐलान कर दिया गया था।

⮞ अधिकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में डीडीएमए की बैठक 27 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे निर्धारित है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भी बैठक में भाग लेने की संभावना है। इस बैठक में दिल्ली में छूट की अनुमति पर चर्चा होगी जो कोविड-19 की स्थिति में सुधार के मद्देनजर दी जा सकती है।

⮞ दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को महामारी की स्थिति को देखते हुए वीकेंड कर्फ्यू हटाने और दुकानें खोलने के लिए ऑड-ईवन स्कीम को खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उपराज्यपाल बैजल ने स्थिति में और सुधार होने तक पाबंदियों पर यथास्थिति बनाए रखने का सुझाव दिया था। उपराज्यपाल कार्यालय ने हालांकि निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति देने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

⮞ दिल्ली के कई हिस्सों में व्यापारी भी पाबंदियों का विरोध कर रहे हैं और पाबंदियों को हटाने की मांग कर रहे हैं, जिसमें गैर-जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों पर लगाई गई पाबंदियां शामिल हैं जिसके तहत उन्हें ऑड-ईवन सिस्टम के आधार पर एक दिन छोड़कर खोलने की अनुमति दी गई है।

⮞ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने भी हाल ही में बैजल को एक पत्र लिखकर सप्ताहांत कर्फ्यू और दुकान खोलने की ऑड-ईवन सिस्टम को हटाने के अलावा रेस्तरां और जिम को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। वहीं, बीजेपी विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल भी मंगलवार को एलजी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल से बैंक्वेट हॉल, स्पा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों तथा मालिकों को राहत प्रदान करने के लिए कदम उठाने का भी अनुरोध किया।

⮞ प्रमुख हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स के कंसोर्शियम द इंडियन एसोसिाएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (IAPSM) ने स्‍कूल दोबारा खोलने की पुरजोर वकालत की है। IAPSM की अध्‍यक्ष डॉ. सुनीला गर्ग ने कहा कि प्री-स्‍कूल क्‍लासेज भी शुरू हो जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा, ‘नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। स्‍कूल ड्रॉपआउट बढ़ा है और यहां तक कि बाल विवाह के मामले भी बढ़े हैं।’ वहीं, वायरॉलजिस्ट और पब्लिक पॉलिसी एक्‍सपर्ट डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि 17 वर्ष तक की आयु के बच्चों में हॉस्पिटलाइजेशन की दर बड़ों के मुकाबले बेहद कम है। सरकार पर माता-पिता और हाउसिंग सोसाइटियों की तरफ से भी स्कूल खोलने का दबाव बढ़ रहा है।

⮞ कर्नाटक में 21 जनवरी को साप्ताहिक कर्फ्यू हटाने का ऐलान हुआ था, लेकिन नाइट कर्फ्यू के तहत रात 10 बजे से सुबह सात बजे तक आवाजाही पर पाबंदी जारी है। उस दिन अस्पताल में भर्ती होने की कोविड दर पांच प्रतिशत थी। इसके अलावा पब, थिएटर, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 50 फीसदी का नियम लागू है।

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