बीजेपी से झटका मिलने के बाद मुकेश सहनी का दर्द झलका

पटना : बीजेपी से झटका मिलने के बाद मुकेश सहनी का दर्द झलका अपने सरकारी आवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कल तक जो हमारे पार्टी के तीन विधायक थे उन्हें हम शुभकामना दे रहे हैं वह जहां रहे। बीजेपी को लेकर मुकेश साहनी ने कहा कि बीजेपी जो 74 विधायकों की पार्टी थी मुकेश साहनी के बदौलत लेकिन आज नंबर वन पार्टी बनी है वह भी मुकेश साहनी के बदौलत ही बनी है।मुकेश सैनी ने कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मेरे ऊपर जो आरोप लगाए बेबुनियाद है जब हमारा गठबंधन बीजेपी के साथ हुआ था उसमें सिर्फ मुकेश साहनी और अमित शाह के बीच ही हुई थी। संजय जयसवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिर्फ झूठ बोल रहे हैं। मुकेश सहनी ने कहा की अपने भविष्य बनाने के लिए हम 18 वर्ष की अवस्था से ही संघर्ष कर रहा हूं।मुकेश सहनी ने कहा कि अपने समाज के लोगों की समस्या को दूर करने के लिए संघर्ष किया और आगे भी करता रहूंगा। मुकेश सैनी ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या मैं दलितों की आवाज ढा रहा हूं वह गलत कर रहा हूं अपने समाज के लोगों को आगे बढ़ाने के लिए हक मांग रहा हूं तो क्या गुनाह कर रहा हूं कर्पूरी ठाकुर के सपनों को पूरा करने के लिए हम अपनी आवाज उठा रहा हूं क्या वह गलत है। मुकेश सहनी ने कहा कि आज जो मेरे साथ हुआ हमें बहुत पहले से ही उम्मीद थी। मुकेश साहनी ने कहा कि बीजेपी जमा कान पकड़ कर उठना बैठाना की बात कर रही थी लेकिन हमने वह नहीं किया। मुकेश सहनी ने कहा कि जब तक मेरे शरीर में प्राण है तब तक अपने समाज के लोगों के लिए हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा। मुकेश सहनी ने कहा अपने समाज के लोगों की हक की आवाज के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा केंद्र सरकार के खिलाफ हमने हक मांगा। उन्होंने कहा कि जेडीयू भी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ी थी लेकिन उनके खिलाफ बीजेपी के कोई नेता एक्शन नहीं लिया लेकिन मुकेश सहनी के वह लोग सभी लोग साजिश करते हैं।मुकेश सहनी ने कहा कि आज मेरे साथ जो कुछ हुआ है वह कोई नई घटना नहीं है शुरू से ही होता रहा है। मुकेश साहनी ने कहा कि चिराग पासवान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ जेडीयू के मणिपुर के 6 विधायकों को बीजेपी ने को तोड़ लिया। मुकेश साहनी ने कहा कि अभी हम बचाहा सीट चुनाव लड़ा था हूं

मुकेश सहनी ने इस्तीफे के सवाल को लेकर कहा मुख्यमंत्री का क्षेत्र अधिकार है कि वह हमें मंत्री बने रहना देना चाहते हैं या हटा देते हैं यह उनके ऊपर डिपेंड करता है।

मुकेश साहनी ने कहा कि 2020 विधानसभा चुनाव में अमित शाह के साथ जो कुछ हमारा दिल हुआ था वह बिहार के किसी नेता को पता नहीं है यदि अमित शाह खुद बयान देकर कह देंगे कि यह भी पार्टी को लेकर आने की बात हुई थी तो मैं मान लूंगा कि हमारे साथ वही डिल हुआ है।

बीजेपी पर हमला करते हुए मुकेश साहनी ने कहा के बीजेपी के नेता जो कुछ नैतिकता के आधार पर हम से इस्तीफा मांग रहे हैं तो उन्हें हम बता देना चाहता हूं कि किसी भी दल को तोड़कर नंबर वन पार्टी बनने का तकमान दे रहे हैं वह गलत है नैतिकता उनके अंदर है ही नहीं।

मुकेश सहनी ने कहा कि अपने समाज के लोगों के लिए जो भी कुछ कुर्बानी देनी होगी हम देंगे।

बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी अब अकेले पड़ गए

बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी अब अकेले पड़ गए हैं। बीजेपी से झटका मिलने के बाद गुरुवार को मुकेश सहनी का दर्द आखिरकार छलक ही पड़ा। उन्होंने कहा कि बीजेपी जो 74 विधायकों की पार्टी थी आज सहनी की बदौलत ही नंबर वन पार्टी बनी है।सहनी ने ये भी कहा कि अपने भविष्य बनाने के लिए हम 18 साल की उम्र से ही संघर्ष कर रहे हैं। अपने समाज के लोगों की समस्या को दूर करने के लिए संघर्ष किया और आगे भी करता रहूंगा। मुकेश सहनी से जब मंत्री पद से इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सारा कुछ सीएम नीतीश कुमार छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ये मुख्यमंत्री का अधिकार क्षेत्र है कि वह हमें मंत्री बने रहने देना चाहते हैं या हटा देते हैं।

सहनी की पार्टी VIP के खात्‍मे का खेल लंबे समय से चल रहा था। अब उनके पास न विधायक हैं और न अब उनके पास वो जमीन जिस पर मुकेश सहनी मंत्री पद पर बने रह सकें। जानकारों की मानें तो अब बीजेपी ने मुकेश सहनी को जल बिन मछली की तरह तड़पने के लिए छोड़ दिया है। फिलहाल नीतीश पर ही अब सहनी को उम्मीदें हैं।

जल बिन मछली हुए ‘सन ऑफ मल्‍लाह’
वीआईपी प्रमुख सन ऑफ मल्‍लाह की स्थिति कुछ ऐसी ही है। उनके चारों विधायक उनके हाथ से बाहर जा चुके हैं। एक विधायक मुसाफिर पासवान का निधन हो चुका है। उनकी सीट यानी बोचहां विधानसभा का उप-चुनाव होना है। वहीं वीआईपी के तीन विधायकों ने बुधवार को बीजेपी ज्‍वाइन कर ली। अब वीआईपी के पास न तो कोई विधायक है और न वो खुद जनता के वोट से जीते हुए नेता हैं। 4 विधायकों के सहारे बीजेपी को समर्थन देकर वो बीजेपी के MLC बनकर पशुपालन और मत्स्‍य विभाग के मंत्री बन गए।

कौन हैं मुकेश सहनी
बॉलीवुड में करोड़ों रुपए कमा कर मुकेश सहनी ने साल 2013 में राजनीति की ओर रुख किया। मगर उन्हें असली पहचान साल 2015 में मिली। पैसों के दम पर ही सहनी ने पॉलिटिक्स में एंट्री की। 2015 में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने के बावजूद बीजेपी को हार मिली। इसके बाद सहनी आरजेडी के साथ महागठबंधन में शामिल हुए। मुकेश सहनी खुद को कहते हैं ‘सन ऑफ मल्लाह’- इसी नाम से उन्‍होंने चुनाव के दौरान अपनी मार्केटिंग की। बिहार में करीब 6 फीसद आबादी इस समुदाय की है। जिसमें 10 जातियां हैं, जिन्हें अति पिछड़ी जातियों में शामिल किया गया। महागठबंधन में शामिल होने के लिए सहनी ने 2018 में अपनी पार्टी वीआईपी का गठन किया था।

करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं सहनी। जानकारी के अनुसार, वो आठवीं पास हैं लेकिन उनके पास करोड़ों रुपए हैं। जमीन-जायदाद और मकानों की बात करें तो उनके पास मुंबई में घर है। जिसकी कीमत तकरीबन 3 करोड़ है। उन्‍होंने जो ब्यौरा दिया है, उसके मुताबिक एसेट्स और लायबिलिटीज को मिलाकर उनके पास करीब 12 करोड़ की संपत्ति है। मुकेश सहनी की पत्नी का नाम कविता सहनी है। उनके दो बच्चे हैं रणवीर सहनी और मुस्कान सहनी। इसके अलावा, परिवार में एक भाई संतोष और बहन रिंकू सहनी है।

Search Khabar [ सच का सर्च सच के साथ,सर्च खबर आपके पास ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query