लालू के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए रिम्स में रखने का आवेदन दिया

रांची. चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए गए हैं. लेकिन, लालू के अधिवक्ता ने लालू के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए लालू यादव को रिम्स में रखने का आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. यानि लालू प्रसाद यादव को फिलहाल रिम्स के पेइंग वार्ड में ले जाया गया है, जहां उनका इलाज भी किया जाएगा.

चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी में बिहार के पूर्व CM सह RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को CBI की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। 21 फरवरी को सजा का ऐलान होगा। इसके साथ ही अब ये तय हो गया कि इस मामले में भी लालू यादव को जेल जाना होगा।

लालू यादव को फिलहाल कस्टडी में भी ले लिया गया है। मेडिकल ग्राउंड पर उन्हें रांची RIMS शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कोर्ट में उन्होंने अपील भी दायर की है। लालू यादव को कितने दिन और जेल में बिताने होंगे और कितने दिनों के बाद वे जेल से बाहर आ सकेंगे। यहां हम आपको एक्सपर्ट के हवाले से उन्हें जेल जाने और जमानत की प्रक्रिया के बारे में बता रहे हैं।

6 साल से ज्यादा सजा हुई तो 6 महीने जेल में रहना होगा
चारा घोटाले के कुल मामले में लालू यादव 36 महीने 19 दिन जेल में बीता चुके हैं। हाई कोर्ट के वकील के मुताबिक अगर लालू यादव को 6 साल से अधिक की सजा सुनाई जाती है तो कम से कम 6 महीने तक जेल में बिताना होगा। इसके बाद ही वे हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील दायर कर सकते हैं।

5 साल से कम हुई तो मिल जाएगी जमानत
सीनियर एडवोकेट देवाशीष मंडल ने दैनिक भास्कर को बताया कि अगर लालू यादव को 5 साल से कम की सजा सुनाई जाती है तो पूर्व में काटी गई सजा के आधार पर लालू यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिल सकती है। इस प्रक्रिया को पूरा करने में उन्हें 2-3 सप्ताह तक जेल में रहना होगा।

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