यूक्रेन से एयरलिफ्ट की कहानी स्‍टूडेंट्स की जुबानी

 एयर इंडिया के दो विमान यूक्रेन से 490 भारतीयों को लेकर रविवार को दिल्‍ली पहुंचे। इसके पहले शनिवार को एक फ्लाइट से 219 भारतीयों को मुंबई लाया गया था। इनमें बड़ी संख्‍या स्‍टूडेंट्स  की है। इन्‍होंने वतन वापसी पर राहत की सांस ली है। अपनी कहानियां भी बताई हैं। रूस के हमले के बाद यूक्रेन  के हालात के बारे में भी बताया। सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’  के तहत युद्धग्रस्‍त यूक्रेन से भारतीय नागरिकों (Evacuation of Indians) को निकाल रही है। यूक्रेन से भारतीयों की सुरक्षित वापसी को सरकार ने शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है। इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने यूक्रेन और रूस दोनों के राष्‍ट्रध्‍यक्षों से भारत की चिंता जाहिर की थी।

यूक्रेन में पढ़ रहे बेंगलुरु में रहने वाले एक स्‍टूडेंट ने जमीनी हालातों के बारे में बताया। उन्‍होंने बताया, ’26 फरवरी को मेरे पास एक कॉल आया। इवैक्‍यूएशन से महज 45 मिनट पहले। हमें कहा गया कि अपने लगेज पैक करके तैयार हो जाओ।’ इस स्‍टूडेंट ने कहा कि स्‍थानीय पुलिस ने बॉर्डर क्रॉस करने में मदद की। इसके बाद सभी लोगों को बुखारेस्‍ट से एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया।

यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे शिवम चौधरी ने वतन वापसी पर कहा कि हालात अभी बेकाबू नहीं हुए हैं। वहां ज्‍यादा कुछ नहीं हो रहा है। लेकिन, तनाव बढ़ रहा है। कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में क्‍या होगा।

रिया नाम की एक स्‍टूडेंट ने कहा कि यूक्रेन में स्थिति नॉर्मल है। सभी एम्‍बेसी की एडवाइजरी फॉलो कर रहे हैं। ऑनलाइन क्‍लास जारी रह सकती हैं।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने अपनी लेटेस्‍ट एडवाइजरी में नागरिकों से समूहों में यात्रा करने का आग्रह किया है। उन्हें संघर्ष क्षेत्रों से दूर जाने की सलाह दी गई है। उसने यह भी बताया कि यूक्रेन रेलवे निकासी के लिए इमरजेंसी ट्रेनों को मुफ्त चला रहा है। इनमें टिकट की जरूरत नहीं है। कीव से इन्‍हें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर चलाया जा रहा है।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक ट्वीट किया था। उसने कहा था कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल कर भारत सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय के बिना किसी भी सीमा चौकी की ओर न बढ़ें। उसने कहा था, ‘अलग-अलग सीमा जांच चौकियों पर स्थिति संवेदनशील है। दूतावास हमारे नागरिकों को समन्वित तरीके से निकालने के लिए पड़ोसी देशों में हमारे दूतावासों के साथ मिलकर निरंतर काम कर रहा है।’

दूतावास ने बताया था कि उन भारतीयों को निकालना मुश्किल हो रहा है जो बिना सूचना दिए सीमा जांच चौकियों पर पहुंच गए हैं। उसने कहा था कि पश्चिमी यूक्रेन के शहरों में रह रहे लोग अपेक्षाकृत ‘सुरक्षित’ माहौल में है। उनके पास बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

दूतावास ने सलाह देते हुए कहा था, ‘अभी पूर्वी सेक्टर में रह रहे सभी लोगों से अगले आदेश तक अपने निवास स्थान पर ही शांतिपूर्वक रहने और जो भी भोजन, पानी और सुविधाएं उपलब्ध हों उनके साथ ही घरों या आश्रय स्थलों के भीतर रहने व धैर्य रखने का अनुरोध किया जाता है।’

Search Khabar [ सच का सर्च सच के साथ,सर्च खबर आपके पास ]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query