सेना प्रमुख नरवणे चीन के साथ ही पाकिस्तान को दिया यह संदेश

नई दिल्ली : सैन्य प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि चीन के साथ एलएसी पर आंशिक रूप से सैनिकों को पीछे हटने की कार्रवाई हुई है लेकिन अभी खतरा बना हुआ है। सेना प्रमुख ने कहा कि कोर कमांडर स्तर की 14वीं वार्ता चल रही है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम इसमें प्रगति देखेंगे। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न फ्रंट पर विभिन्न लॉन्च पैड में आतंकवादियों की सक्रियता बढ़ी है। सेना प्रमुख ने कहा कि हमने पूर्वी लद्दाख समेत पूरे नॉर्दर्न फ्रंट में फोर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, हथियारों की क्षमता बढ़ाई है। नॉर्दर्न फ्रंट में पिछले डेढ़ साल में हमारी क्षमता कई तरह से बढ़ी है।

जब तक मुद्दा सुलझेगा नहीं, ऐसे चीजें आती रहेंगी
अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा बुनियादी ढांचे के निर्माण की खबरों पर सेना प्रमुख ने कहा कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एलएसी तय नहीं है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं कि सीमा वास्तव में कहां है। जब तक सीमा के मुद्दे अनसुलझे रहेंगे, इस तरह के मुद्दे सामने आते रहेंगे। जनरल नरवणे ने कहा कि दीर्घकालीन समाधान सीमा प्रश्न को हल करना है, न यह कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों में मतभेद है। उन्होंने कहा कि हम अपनी सीमाओं के सुरक्षा को लेकर अच्छी तरह से तैयार हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है जो यथास्थिति आज है उसे कभी भी बदला जा सकता है।


नियंत्रण रेखा पर बार-बार घुसपैठ के प्रयास
जनरल नरवणे ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ के बार-बार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बार हमारे पश्चिमी पड़ोसी के नापाक मंसूबों को उजागर करता है। सेना प्रमुख ने पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए साफ कहा कि हमारी तरफ से आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी है। उन्होंने कहा हम आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पिछले साल फरवरी के बाद एलएसी पर स्थिति में सुधार
सेना प्रमुख ने कहा कि वेस्टर्न फ्रंट और एलएसी पर लंबे समय से स्थिति तनावपूर्ण थी। पिछले साल फरवरी में डीजीएमओ इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों में आपसी समझ से शांति बरकार रहनी चाहिए। इसके बाद स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

चीन के साथ जारी है बातचीत
पूर्वी लद्दाख में टकराव के शेष इलाकों में पिछले 20 महीने से जारी सैन्य गतिरोध के समाधान के लिये भारत और चीन बुधवार को कोर कमांडर स्तर की वार्ता कर रहे हैं। यह वार्ता करीब तीन महीने के अंतराल पर हो रही है। सूत्रों ने बताया कि 14वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर चुशुल-मोल्दो बैठक स्थल पर हो रही है। उम्मीद है कि भारतीय पक्ष ‘देपसांग बल्ज’ और डेमचोक में मुद्दों को हल करने समेत बाकी के टकराव वाले सभी स्थानों पर जल्द से जल्द सेना को हटाने पर जोर देगा।

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