उडुपी की तीन छात्राओं ने छोड़ी प्रैक्टिकल परीक्षा

उडुपी : हिजाब विवाद में उडुपी के गवर्नमेंट पीयू कॉलेज फॉर गर्ल्स के तीन साइंस छात्राएं केंद्र रहीं। सोमवार को हुई प्रैक्टिकल परीक्षा में ये तीनों शामिल नहीं हो पाईं। तीनों छात्राएं हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची थीं लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उन्हें हिजाब उतारकर जाने को कहा जिस पर वह राजी नहीं हुईं और उन्हें परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली। कॉलेज के प्रिंसिपल रुद्रे गौड़ा ने कहा कि परीक्षा सुबह 9 से 11 बजे तक हुई।

दिसंबर के अंत से प्रदर्शन कर रहीं छह छात्राओं में से तीन सोमवार को परीक्षा देने पहुंचीं। दो छात्राओं का प्रैक्टिकल सुबह होना था और एक छात्रा का दोपहर को। प्राचार्य गौड़ा ने बताया कि सुबह दो छात्राएं कॉलेज पहुंचें। वे लैब में हिजाब पहनकर अंदर जाना चाहती थीं लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने भी समझाया
प्राचार्य ने बताया कि स्टाफ ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं मानीं। वे प्रिंसिपल के चेंबर पहुंची और हिजाब पहनकर परीक्षा देने की जिद की। प्रिंसिपल ने उन्हें समझाया लेकिन वह नहीं मानीं। मौके पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने भी छात्राओं को नियम मानने को कहा लेकिन वह नहीं मानीं। छात्राएं वहां से बिना बात किए कॉलेज छोड़कर चली गईं। प्रिंसिपल ने कहा कि प्रैक्टिकल के लिए कोई पूरक परीक्षा नहीं है और छात्राओं को इसका नुकसान होगा।

वीडियो रिलीज करके लगाया प्रिंसिपल पर आरोप
जिस छात्रा का दोपहर में प्रैक्टिकल था, वह प्रैक्टिकल देने कॉलेज ही नहीं पहुंची। हालांकि, उच्च न्यायालय का रुख करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक एएच अल्मास ने ट्वीट किया, ‘आज हमारी अंतिम प्रैक्टिकल परीक्षा थी! हमने अपनी रिकॉर्ड बुक पूरी कर ली थी और प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने की बड़ी उम्मीद में गए थे। यह बहुत निराशाजनक था जब हमारे प्रिंसिपल ने हमें यह कहते हुए धमकी दी कि आपके पास जाने के लिए 5 मिनट हैं, अगर आप नहीं जाते हैं, तो मैं पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगा।’

एक वीडियो संदेश में, लड़की ने दावा किया कि टीचर्स ने रिकॉर्ड बुक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। छात्रा ने कहा, ‘अभी हमें प्रैक्टिकल अटेंड करने के लिए अपनी लैब में होना चाहिए था, जाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए था। कॉलेज से मेरी जो उम्मीदें थीं और मेरे सपने चकनाचूर हो रहे हैं।’

प्रिंसिपल ने आरोप वाले ट्वीट के दिया जवाब
अल्मास के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, ‘आरोप निराधार हैं। मेरे चेंबर में जो कुछ भी हुआ वो एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर और महिला लेक्चरर की मौजूदगी में हुआ। चूंकि उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, इसलिए मैंने उनसे हिजाब हटाने और एचसी के अंतरिम आदेश के अनुसार परीक्षा का देने का अनुरोध किया क्योंकि यह उनके भविष्य का मामला है।’

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